बेंगलुरु में चल रही कराची बैकरी नाम बदलने की तैयारी कर रही है। फिलहाल बेकरी ने अपना नाम ढक दिया है। लेकिन देश में पाकिस्तान का बढ़ता विरोध देखते हुए बेकरी का प्रबंधन इसका नाम बदलने की योजना बना रहा है।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कराची बेकरी काफी मशहूर है। कराची को नाम को लेकर पिछले कुछ दिनों से स्थानीय लोगों ने अपना विरोध जताया था। इस बेकरी के बारे में कहा जाता है कि 1947 में बंटवारे के बाद खनचंद्र रमानी ने 1952 में शुरू किया था। लेकिन पिछले हफ्ते पुलवामा में आंतकी हमले में 40 सीआईपीएफ के जवानों की शहादत के बाद लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है। ज्यादातर लोग अब पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के पक्ष में है। पिछले दिनों कश्मीरी छात्रों पर भी हमले की खबरें आ रही हैं।

जानकारी के मुताबिक बेकरी प्रबंधन के पास स्थानीय लोगों ने उसके नाम को लेकर आपत्ति जताई थी और कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया था कि बेकरी का नाम कराची है। लिहाजा जनता का विरोध देखते हुए बेकरी प्रबंधन ने इसे बदलने का फैसला किया है। हालांकि अभी तक इसका नाम बदला नहीं गया है लेकिन कराची नाम को ढक दिया गया है। ताकि लोगों को आपत्ति न हो। पुलवामा हमले के बाद बॉलीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों का भी जबरदस्त विरोध हो रहा है।

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ऐसे में अब बॉलीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों के कार्यक्रम पर रोक लग गयी है। कई बड़े कलाकारों ने पाकिस्तानी कलाकारों से अपना करार खत्म कर दिया है। जिसक बाद अब इन कलाकारों को फिल्म उद्योग में काम मांगना आसान न होगा। कराची बेकरी के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु के इंदिरानगर में स्थित बेकरी में कुछ लोगों ने इसके नाम पर विरोध जताया था। जिसके बाद इसके नाम को ढक दिया गया है। इस बेकरी में कार्य करने वाले कुछ कर्मचारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि कुछ लोगों ने आकर पाकिस्तान नाम को बदलने को कहा था।