नेशनल डेस्क। प्रधानमंत्री मोदी और भारत के खिलाफ मालदीव सरकार के मंत्री को टिप्पणी करना भाड़ी पड़ गया। आखिर में मालदीव सरकार ने मंत्री मरियम शिउना,मालशा और हसन जिहान को सस्पेंड कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें मालदीव सरकार के प्रवक्ता और मंत्री इब्राहिम खलील ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कि भारत के विवादित टिप्पणी करने वाले दोनों मंत्रियों और एक सासंद को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। 

 

 

आखिर क्या है पूरा मामला ?

गौरतलब है,बीते दिनों पीएम मोदी लक्षद्वीप गए थे और उन्होंने लोगों से लक्षद्वीप एक्सप्लोर करने की अपील की थी। लक्षद्वीप और मालद्वीप लगभग सुंदरता में एक सामान ही है। जिसके बाद सोशल मीडिया पर मालदीव की महिला मंत्री मरियम शिउना ने पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी। भारत ने मालदीव महिला मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई थी और मामले को मालदीव की तत्कालीन सरकार मुइज्जू सरकार के सामने उठाया था। ट्विटर से इंस्टाग्राम तक भारतीयों का गुस्सा का फूट पड़ा। कई लोगों ने तो मालदीव के टिकत तक कैंसिल कर दिए। जिसके मालदीव सरकार बैकफुट पर आ गई और बयान जारी कर कहा कि सरकार मंत्री के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करती।

 

 

 

लक्षद्वीप दौरे से मालद्वीप को संदेश

पीएम मोदी के लक्षद्वीप (Lakshadweep) दौरे से मालदीव को सीधा संदेश दिया है। इस वक्त मालदीव में चीन समर्थित प्रोग्रेसिव पार्टी सरकार में है जो भारत के खिलाफ जहर उगल रह है। हाल ही में उसने भारत के साथ अपने समझौते को भी तोड़ दिया। जिसके बाद पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा अहम हो गई। क्योंकि लक्षद्वीप और मालदीव खूबसूरती के मामले में एक जैसे हैं। प्रधानमंत्री ने भारतीयों को संदेश दिया आप लाखों खर्च कर मालदीव जाते हैं लेकिन देश में स्थित लक्षद्वीप भी खूबसूरती के मामले में पीछे नहीं है। इसलिए मालदीव की जगह लक्षद्वीप को ऑप्शन बनाएं। ताकि देश का पैसा लक्षद्वीप के विकास में खर्च हो सके और रोजगार के अवसर बढ़े। पीएम मोदी के गुप्त संदेश से मालदीव को मिर्ची लगी है जिसके बाद मंत्रियों ने विवादित टिप्पणी की लेकिन भारतीयों के आक्रोश को देखते हुए मालदीव बैकफुट पर आ गया है। 

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