गुवाहाटी। आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में बम धमाके करने की साजिश पुलिस ने नाकाम कर दी है। हालांकि अभी तक राष्ट्रीय पर्वों पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ही धमाकों को अंजाम देते थे, लेकिन अब बांग्लादेश के आतंकी भी देश में बम धमाकों की साजिश कर रहे हैं।

इस मामले से सबसे अच्छी बात ये है कि इन आतंकियों को पकड़वाने में स्थानीय लोगों ने अहम भूमिका निभाई क्योंकि इनकी हरकतों पर उन्हें शक हो गया था और उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

असम पुलिस ने राज्य के बरपेटा इस्लामी आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को पकड़ा है। ये बांग्लादेश से भारत में बम धमाके करने के मकसद से आए थे। इन आतंकियों का मकसद 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना था।

पकड़े गए आतंकियों की पहचान हफीजुर रहमान, यूकुब अली तथा शरीफुल इस्लाम के तौर पर हुई है। फिलहाल पुलिस को इनके पास से पिस्तौल तथा जिंदा कारतूस मिले हैं। पुलिस जांच कर इनके अन्य सदस्यों की देश में मौजूदगी के लिए पूछताछ कर रही है। क्योंकि जिस इरादे से ये देश में घुसे हैं।

उसके लिए इनके स्लीपर सेल भी मौजूद होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को इन आतंकियो के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस के जरिए उनके स्थानों पर दबिश दी गयी।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक हफीजुर एक साल से केरल में रह रहा था। लिहाजा पुलिस उसके बारे में और ज्यादा जानकारी एकत्रित कर रही है। क्योंकि श्रीलंका में हुए बम विस्फोट के तार केरल से भी जुड़े हुए बताए जाते हैं। 

कैसे पकड़े आतंकी

असल में हफीजुर केरल में रह रहा था और उसके बाद वह असम में आया है। यहां पर वह किराए पर रहकर एक बिस्किट बेकरी में काम कर रहा था। उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर लोगों का शक था। लेकिन वह नमाज के दौरान पकड़ा गया। क्योंकि नमाज पढ़ते वक्त वह कई तरह की गलतियां कर रहा था। जिसके बाद लोगों ने स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी। 

आतंकी ले चुके हैं ट्रेनिंग

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ये तीनों आतंकी ट्रेनिंग सेंटरों में ट्रेनिंग ले चुके हैं और 2014 में बांग्लादेश से वापस यहां लौटे थे। आतंकी शकील अहमद आतंकी संगठन में भर्ती करने का काम करता है। जहां पर बांग्लादेशी रहते हैं।