झुंझुनूं। देश के हर कोने में रेस्तरां हैं, जो अपने डिशेज और उनके स्वाद के लिए मशहूर हैं। राजस्थान के झुंझनूं स्थित जिस रेस्तरां के बारे में हम आपको बताने जा रह हैं। यह अपने नाम के लिए मशहूर है और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। झुंझनू के वारिसपुरा रोड पर मौजूद होटल का नाम 'सेकंड वाइफ' है। जहां कोई भी शख्स सिर्फ 80 रुपये में भरपेट भोजन कर सकता है। इस होटल का नाम 'सेकंड वाइफ' क्यों पड़ा। इसके पीछे की वजह बड़ी दिलचस्प है। आइए उसके बारे में जानते हैं।

टिफिन सेंटर चलाती थी मां

दरअसल, यह होटल पहले एक टिफिन सेंटर हुआ करता था। एक परिवार इस टिफिर सेंटर को मिलकर चलाता था। अब संजय और कृष्णा दो भाई मिलकर होटल चला रहे हैं। पहले उनकी माता सुमन देवी ​ने टिफिन सेंटर की शुरुआत की थी। सुमन देवी ने टिफिन सेंटर से होने वाली कमाई से अपने बच्चों को पढ़ाया। उनके बेटों ने भी जीवन यापन के लिए अलग-अलग काम किए। पर जब उनका किसी भी काम में मन नहीं रमा तो उन्होंने होटल की शुरुआत कर दी। 

संजय और कृष्णा बंटाते थे मां का हाथ

संजय और कृष्णा पढ़ाई के दौरान भी लोगों तक टिफिन पहुंचाने के लिए स्कूल से आते थे। तब मात्र 50 रुपये में ये लोगों को टिफिन उपलब्ध कराते थे। दोनों भाई कम उम्र से ही अपनी मॉं के काम में हाथ बंटा रहे थे। उसी समय से उनके मन मे यह विचार चल रहा था कि वह बड़े होकर सेकंड वाइफ के नाम से होटल खोलेंगे। होटल का यह नाम रखने की वजह भी बड़ी दिलचस्प है। जब भी दोनों भाई किसी को टिफिन देने जाते थे तो लोग कहते थे कि उनकी पत्नी आज अपने मायके गई है।

पत्नियों के मायके जाने पर लोग आर्डर करते थे टिफिन

ज्यादातर लोग टिफिन का आर्डर तभी करते थे। जब उनकी पत्नियां कहीं गईं होती थी। तो संजय और कृष्णा ने सोचा कि टिफिन सर्विस का काम भी एक तरह से सेकंड वाइफ की तरह है। उसी आइडिया को आगे बढ़ाते हुए दोनों भाइयों ने होटल का नामकरण सेकंड वाइफ किया। होटल की खासियत यह है कि लोग यहां अपने पसंद की सब्जियां बनवाकर खा सकते हैं। 80 रुपये में भरपेट भोजन के साथ लोगों को अलग-अलग तरह की सब्जियां भी परोसी जाती हैं।

'सेकंड वाइफ होटल' नाम की वजह से बढ़ा रिस्पांस

चूंकि उनका टिफिन सेंटर पहले से चल रहा था। इसलिए इलाके में उन लोगों की जान पहचान बन गई थी। पर रेस्तरां का यूनिक नाम रखने से अब उनकी पहचान बढ़ी है। इसकी वजह से उनके होटल को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। दूसरी तरह खाने की क्वालिटी मेंटेन रखने की वजह से ग्राहक होटल की तरफ अट्रैक्ट होते हैं। उनके होटल पर मौसमी सब्जियों के अलावा छाछ और राबड़ी भी मिलती है। 

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