नई दिल्ली: यमन के आतंकी संगठन 'अंसारुल्लाह' ने भारत में भी पैर फैला रखा है। एनआईए ने इसके कई आतंकियों को पिछले दिनों गिरफ्तार किया है। तमिलनाडु में उसके बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। भारत में इसके कई आतंकी संगठनों से संबंध हैं। इसके इरादे बहुत खतरनाक हैं। 

जुलाई 2019 में तमिलनाडु से 'अंसारुल्लाह' के आतंकी पकड़े गए
आतंकवादी संगठन अंसारुल्लाह सिर्फ सऊदी अरब और पश्चिमी देश ही नहीं बल्कि भारत के लिए भी चिंता का कारण हैं। भारतीय जमीन पर हमले की साजिश रच रहे अंसारुल्लाह से जुड़े 14 संदिग्धों को सऊदी अरब ने कुछ ही दिनों पहले भारतीय सुरक्षा एजेन्सियों के हवाले किया था। 

 

जिसके बाद पिछले 20 जुलाई 2019 को तमिलनाडु में अंसारुल्लाह के 16 ठिकानों पर एनआईए ने एक साथ छापा मारा था। जहां से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान मिला था।  विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी एक राज्‍य में कट्टरपंथी इस्‍लामिक विचारधारा को बढ़ावा देने के अब तक हुए सबसे बड़े खुलासों में अंसारुल्ला का भंडाफोड़ भी शामिल है।

यमन के संगठन अंसारुल्ला को हूती के नाम से भी जाना जाता है। हूती चरमपंथियों पर सैंकड़ों लोगों की हत्‍या का आरोप है। हूती वैचारिक रूप से अलकायदा और आईएस से जुड़े हुए हैं। यह यमन में सत्तारुढ़ हादी सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। जिसके खिलाफ संयुक्त राष्ट्र और सऊदी अरब तथा अमेरिका सहित सभी पश्चिमी देश हैं। 

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तमिलनाडु में था अंसारुल्लाह का विशाल नेटवर्क 
एनआई की चार्जशीट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए अंसारुल्लाह के संदिग्ध आतंकी चेन्नै और नागपट्टिनम जिले के रहने वाले हैं। एनआईए ने एक विज्ञप्ति में कहा कि रामनाथपुरम में पांच जगहों, थेनी में दो जगह के साथ ही चेन्नई, मुदरै, तिरुनेलवेली, तंजौर, पेरंबालूर, नागापट्टिनम और थिरवरूर जिलों में एक-एक जगह छापा मारा गया। 

 सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अंसारुल्‍ला के लोग पड़ोसी श्रीलंका के आतंकवादियों से जुड़े हो सकते हैं जिन पर हाल ही में कई बम भीषण बम धमाके करके सैकड़ों लोगों की जान लेने का आरोप है। 

भारत में प्रतिबंधित संगठन सिमी से भी इसके तार जुड़े होने का शक है। सुरक्षा एजेंसियां इस विचारधारा के समर्थकों पर अपनी नजरें बनाए हुए हैं। 

एनआईए ने बताया कि अंसारुल्‍ला से जुड़े लोग जिहादी विडियो दिखाकर लोगों को अपने संगठन में जोड़ रहे थे। शनिवार 16 जुलाई को तमिलनाडु में जिन 16 ठिकानों पर छापा मारा गया, उनमे मोहम्‍मद शेख का भी घर शामिल है। अंसारुल्ला संगठन भारत में वहादत-ए-इ स्‍लाम, जिहादिस्‍ट इस्‍लामिक यूनिट और जमात वहादत-ए-इस्‍लाम अल जिहादिया के नाम से भी सक्रिय है।

 एनआईए का कहना है कि अंसारुल्लाह के गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों सैयद मोहम्मद बुखारी, हसन अली और मोहम्मद युसुफुद्दीन और उसके सहयोगियों ने दुबई में बड़े पैमाने पर फंड जुटाया है। ये लोग भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

 एनआईए की छापेमारी में 9 मोबाइल, 15 सिम कार्ड्स, 7 मेमोरी कार्ड्स, 3 लैपटॉप, 5 हार्ड डिस्क, 6 पेन ड्राइव, दो टैबलेट और तीन सीडी और डीवीडी बरामद की थी। इसके अलावा तमाम मैग्जीन्स, बैनर्स, नोटिस, पोस्टर्स और किताबें भी बरामद की गईं।

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भारत में खौफनाक सामूहिक हत्याकांड करना चाहते थे अंसारुल्लाह के आतंकवादी
एनआईए की जांच में अंसारुल्लाह के खतरनाक इरादों पर से पर्दा उठा था। यह भारत में इस्लामिक स्टेट जैसा शासन चाहते हैं। अंसारुल्लाह के आतंकियों का इरादा भारत में  शरिया कानून लागू कराना है। इसके लिए वह बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले की भी साजिश रच रहे थे। अंसारुल्लाह के संबंध आतंकवादी संगठन अलकायदा और आईएस से भी जुड़े हुए हैं। 

अंसारुल्‍ला से जुड़े लोग यूरोप की तरह से भारत में भी चाकू, वाहनों से लोगों को कुचलकर और जहर देकर हत्‍या करने की साजिश रच रहे थे।

अंसारुल्ला का अर्थ है 'अल्‍लाह के समर्थक'। एनआईए के एक अधिकारी ने कहा, 'अंसारउल्‍ला का इरादा भारत के लोकतांत्रिक संस्‍थानों पर आतंकी हमला करके देश में शरिया कानून लागू करना है।'  

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