बांग्लादेश में शेख हसीना की रैली पर हमला मामले में खालिदा जिया के बेटे को उम्रकैद, 19 को फांसी की सजा

First Published 10, Oct 2018, 1:58 PM IST
Khaleda Zia's son sentenced to life in 2004 grenade attack on Sheikh Hasina; 19 get death
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 21 अगस्त, 2004 को अवामी लीग की एक रैली पर किया गया था। हसीना इस हमले में बच गईं थीं। 24 लोगों की हुई थी मौत।

बांग्लादेश की एक अदालत ने 2004 के ग्रेनेड हमला मामले में बुधवार को 19 लोगों को मौत की सजा सुनाई। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान समेत 19 लोगों को उम्रकैद की सजा मिली है। 

इस हमले में 24 लोग मारे गए थे और उस समय विपक्षी पार्टी की प्रमुख रहीं शेख हसीना सहित करीब 500 लोग घायल हो गए थे। बांग्लादेश की मौजूदा प्रधानमंत्री हसीना को निशाना बनाते हुए यह हमला 21 अगस्त, 2004 को अवामी लीग की एक रैली पर किया गया था। हसीना इस हमले में बच गईं थीं लेकिन उनके सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा था।

पूर्व गृह राज्य मं‍त्री लुत्फोजमां बाबर उन 19 लोगों में शामिल है जिन्हें अदालत ने बुधवार को सजा-ए-मौत सुनाई। लंदन में निर्वासन में रह रहे बीएनपी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहमान और 18 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। रहमान को कोर्ट में पेश न होने के चलते 'वांछित' घोषित किया गया है।

जांच में पाया गया कि रहमान समेत बीएनपी नीत सरकार के प्रभावी धड़े ने आतंकवादी संगठन हरकतुल जिहाद अल इस्लामी के आतंकवादियों से यह हमला कराने की साजिश रची और हमले को प्रायोजित किया था।
 

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