ट्रैवल डेस्क। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 9 अप्रैल से हो रही है। इस पावन त्यौहार पर 9 दिनों तक माता रानी की अलग-अलग 9 स्वरूपों में पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त देवी के दर्शन के लिए कई प्रसिद्ध मंदिर भी जाते हैं। अगर आप भी नवरात्रि में मंदिर जाने की सोच रहे हैं और कानपुर के आसपास रहते हैं तो हम आपको एक ऐसा मंदिर बताने जा रहे हैं जो चमत्कारी होने के साथ रहस्य को लेकर भी भक्तों के बीच खूब प्रसिद्ध है।

माता कुष्मांडा देवी मंदिर (Shri Kushmanda Devi Mandir) 

नवरात्रि के चौथे माता कुष्मांडा की पूजा की जाती है,अगर आप भी देवी के नौ स्वरुपों में से एक माता कुष्मांडा के दर्शन करना चाहते हैं तो फैमिली के साथ उत्तर प्रदेश के कानपुर पहुंच जाएं। घामपुर में माता कुष्मांडा देवी मंदिर है। यह इकलौता मंदिर है जहां देवी की मूर्ती लेटी हुई मुद्रा में दिखाई देगी। वहीं स्थानीय मान्यताओं के अनुसार,गांव के एक चारवाहा उस जगह पर अपनी गाय चराया करता था। हर रोज उसकी एक गाय वहा रुकती और घंटो खड़ी रहती कई बार तो वह अपना दूध भी गिरा देती थी। दिन पर दिन ये घटना बढ़ती जा रही थी। जिससे चारवाहा परेशान हो गया। एक दिन अचानक चारवाह के सपने में माता कुष्मांडा दिखाई दी और उन्होंने उस जगह की खुदाई करने को कहा जहां पर गाय खड़ी होती थी। अगले दिन वह कई लोगों के साथ उस जगह पहुंचा और उसने खुदाई शुरू की तो माता की मूर्ति मिली जिसके बाद वहां मंदिर का निर्माण किया गया। 

 

कुष्मांडा देवी मंदिर का रहस्य

कुष्मांडा देवी मंदिर भक्तों के बीच अपने रहस्य को लेकर भी उत्सुकता पैदा करता है। माना जाता है जो भी भक्त माता कुष्मांडा को जल अर्पित करता है उसकी सारी परेशानी दूर हो जाती हैं। वहीं मंदिर के जल को आखों पर लगाने से आंखों की रोशनी तेज हो जाती है। स्थानीय लोग इसे माता का चमत्कार मानते हैं। वहीं नवरात्रि पर यहां 9 दिनों तक यहां विशेष मेले का भी आयोजन किया जाता है। अगर आप भी इस नवरात्रि में कुष्मांडा देवी का आशीर्वाद लेना चाहते हैं को कानपुर से सीधा मंदिर जा सकते हैं। रेल,बस और टैक्सी तीनों वाहन आपको सीधा मंदिर पहुंचा देंगे। 

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