राहुल गांधी के मतभेदों के चलते इस्तीफा देने की तैयारी में मनमोहन सिंह, करीबी का दावा

Published : Feb 17, 2020, 06:43 AM IST
राहुल गांधी के मतभेदों के चलते इस्तीफा देने की तैयारी में मनमोहन सिंह, करीबी का दावा

सार

मोंटेक सिंह मनमोहन सिंह के करीबी माने जाते हैं और उनके इस  दावे से एक बात साफ हो जाती है कि कांग्रेस के नेताओं का का मनमोहन सिंह का पर दबाव था। मोंटेक सिंह ने दावा किया है कि संसद में कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को राहुल गांधी द्वारा अध्यादेश को फाड़ने के बाद मनमोहन सिंह पीएम के पद से इस्तीफा देना चाहते थे।

 पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दबाव में इस्तीफा देने की तैयारी में थे। क्योंकि राहुल गांधी का मनमोहन सिंह पर दबाव था। जिसके कारण वह राहुल गांधी से नाराज चल रहे थे। ये दावा मनमोहन सिंह के करीबी और कांग्रेस सरकार के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने किया है।

मोंटेक सिंह मनमोहन सिंह के करीबी माने जाते हैं और उनके इस  दावे से एक बात साफ हो जाती है कि कांग्रेस के नेताओं का का मनमोहन सिंह का पर दबाव था। मोंटेक सिंह ने दावा किया है कि संसद में कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को राहुल गांधी द्वारा अध्यादेश को फाड़ने के बाद मनमोहन सिंह पीएम के पद से इस्तीफा देना चाहते थे।

क्योंकि ये सरकार की तौहीन थी। इस बारे में मनमोहन सिंह ने उनसे पूछा था कि क्या उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या नहीं। यूपीए सरकारों के दौरान योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहने वाले मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने अपनी किताब ‘बेकस्टेज : द स्टोरी बिहाइंड इंडियाज हाई ग्रोथ ईयर्स’ में दावा किया है कि मनमोहन सिंह राहुल गांधी के इस बर्ताव पर नाराज थे। 

सिंह ने अपनी किताब में दावा किया है कि उन्होंने मनमोहन  सिंह को सलाह दी थी इस मुद्दे पर उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि जब एक पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी ने अध्यादेश को फाड़ा था उस वक्त पीएम मनमोहन सिंह और मोंटेक अमेरिका के दौरे पर थे। मोंटेक सिंह को मनमोहन सिंह का करीबी माना जाता था और उन्होंने मनमोहन सिंह के साथ देश के लिए कई अहम नीतियों को बनाया था।

राहुल ने फाड़ दिया था अध्यादेश

असल में  कांग्रेस सरकार दागी नेताओं को बचाने के लिए संसद में अध्यादेश लेकर आई थी। इस अध्यादेश की प्रति को राहुल गांधी ने एक पत्रकार वार्ता में फाड़ दिया था। जिसको लेकर कांग्रेस की जमकर आलोचना हुई थी। भाजपा ने कहा था कि कांग्रेस सांसद संसद की गरिमा को नहीं समझते हैं। उस दौरान कांग्रेस राहुल को भावी अध्यक्ष के तौर पर देख रही थी। हालांकि बाद में कांग्रेस ने पार्टी ने राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। लेकिन राहुल गांधी के इस व्यवहार के कारण मनमोहन सिंह खासे नाराज हुए थे। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद योजना आयोग को भंग कर नीति आयोग का गठन किया।

PREV

MyNation Hindi पर पाएं आज की ताजा खबरें (Aaj Ki Taza Khabar)। यहां आपको राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़ और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की तुरंत और भरोसेमंद जानकारी मिलती है। राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और टेक सहित हर बड़ी खबर पर रहें अपडेट—तेज, सटीक और आसान भाषा में।

Recommended Stories

21BY72 Season 5: सूरत बना स्टार्टअप हब, निवेशकों और युवाओं का महाकुंभ
World Motorcycle Day: Ajay's Cafe और GMRA की अनोखी पहल, सुरक्षित राइडिंग का बड़ा संदेश