
मुंबई। राज्य की उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार अब दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की राह पर चल गई है। राज्य सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की घोषणा किया है और ऐसा कर महाराष्ट्र देश का सातवां राज्य बन गया है। की घोषित करने वाली देश की सातवीं राज्य बन गई है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों को छह के बजाए पांच दिन काम करना होगा।
हालांकि राज्य सरकार का ये फैसले कुछ आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा। वहीं राज्य सरकार का ये फैसले 29 फरवरी से लागू होगा। वहीं राज्य सरकार ने पुलिस और फायर ब्रिगेड, सरकारी कॉलेजों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों, स्वच्छता श्रमिकों जैसी आवश्यक सेवाओं के तहत आने वाले कार्यालयों पर इस नए नियम को लागू नहीं किया है।
पांच-दिवसीय कार्य दिवस केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पहले से ही लागू है। वहीं राजस्थान, बिहार, पंजाब, दिल्ली, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी पांच दिवसीय कार्य दिवस है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के बाद कहा गया है कि राज्य सरकार के इस कदम से लगभग 20 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को लाभ होगा।
अभी तक मुंबई में सरकारी कर्मचारियों का कार्य समय सुबह 9.45 बजे से शाम 5.30 बजे तक है जबकि शेष महाराष्ट्र में 10 बजे से शाम 5.45 तक है। हालांकि इस बीच 1 बजे से 2 बजे तक 30 मिनट का भोजन अवकाश है। हालांकि अभी तक राज्य में कर्मचारियों को दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टियां मिलती हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि पांच दिन के सप्ताह के कारण, बिजली, पानी, डीजल और पेट्रोल पर खर्च बचेगा और कर्मचारीअपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे। सरकार का कहना है कि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी महाराष्ट्र सरकार ने ये अहम फैसला किया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही महाराष्ट्र सरकार ने लंदन की तर्ज पर मुंबई आई योजना को शुरू किया है जिसके तहत मुंबई में मल्टीप्लेक्स, दुकानों, रेस्तरां और मॉल 24 घंटे खुले जा सकते हैं।
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